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Jai Hind

परी हो तुम गुजरात की, रूप तेरा मद्रासी ! 🌿💕🌿 सुन्दरता कश्मीर की तुम में, सिक्किम जैसा शर्माती !! . 🌿💕🌿 खान-पान पंजाबी जैसा, बंगाली जैसी बोली ! 🌿💕🌿 केरल जैसी आंख तुम्हारी, है दिल तो तुम्हारा दिल्ली !! 🌿💕🌿 महाराष्ट्र तुम्हारा फ़ैशन है, तो गोवा नया जमाना ! 🌿💕🌿 खुशबू हो तुम कर्नाटक की, बल तो तेरा हरियाणा !! 🌿💕🌿 सीधी-सादी उड़ीसा जैसी, एम.पी. जैसा मुस्काना ! 🌿💕🌿 दुल्हन तुम राजस्थानी जैसी, त्रिपुरा जैसा इठलाना !! 🌿💕🌿 झारखंड तुम्हारा आभूषण, तो मेघालय तुम्हारी बिन्दीया है ! 🌿💕🌿 सीना तुम्हारा यू.पी है तो, हिमाचल तुम्हारी निन्दिया है !! 🌿💕🌿 कानों का कुंडल छत्तीसगढ़, तो मिज़ोरम तुम्हारी पायल है 🌿💕🌿 बिहार गले का हार तुम्हारा, तो आसाम तुम्हारा आंचल है !! 🌿💕🌿 नागालैंड- आन्ध्र दो हाथ तुम्हारे, तो ज़ुल्फ़ तुम्हारा अरुणाचल है ! 🌿💕🌿 नाम तुम्हारा भारत माता, तो पवित्र तुम्हारा उत्तरांचल है !! 🌿💕🌿 सागर है परिधान तुम्हारा, तिल जैसे है दमन-द्वीव ! 🌿💕🌿 मोहित हो जाता है सारा जग, रहती हो तुम कितनी सजीव !! 🌿💕🌿 अंडमान और निकोबार द...

सत्यार्थ प्रकाश और जब राष्ट्रपति ने खाया एक गरीब भारतीय लड़की का झूठा चावल

सत्यार्थ प्रकाश और जब राष्ट्रपति ने खाया एक गरीब भारतीय लड़की का झूठा चावल Copy From Whats App ............... मीराबाई चानू की कहानी है यह। उस समय उसकी उम्र 10 साल थी। इम्फाल से 200 किमी दूर नोंगपोक काकचिंग गांव में गरीब परिवार में जन्मी और छह भाई बहनों में सबसे छोटी मीराबाई चानू अपने से चार साल बड़े भाई सैखोम सांतोम्बा मीतेई के साथ पास की पहाड़ी पर लकड़ी बीनने जाती थीं। एक दिन उसका भाई लकड़ी का गठ्ठर नहीं उठा पाया, लेकिन मीरा ने उसे आसानी से उठा लिया और वह उसे लगभग 2 किमी दूर अपने घर तक ले आई। शाम को पड़ोस के घर मीराबाई चानू टीवी देखने गई, तो वहां जंगल से उसके गठ्ठर लाने की चर्चा चल पड़ी। उसकी मां बोली, ''बेटी आज यदि हमारे पास बैल गाड़ी होती तो तूझे गठ्ठर उठाकर न लाना पड़ता।'' ''बैलगाड़ी कितने रूपए की आती है मां?'' मीराबाई ने पूछा ''इतने पैसों की जितने हम कभी जिंदगीभर देख न पाएंगे।'' ''मगर क्यों नहीं देख पाएंगे, क्या पैसा कमाया नहीं जा सकता? कोई तो तरीका होगा बैलगाड़ी खरीदने के लिए पैसा कमाने का?'' च...